Sunday, May 6, 2018

Santosh Gupta

इश्क़ में दिल का दाम बहुत है।

फिर भी दिल बदनाम बहुत है।

छोड़ दिया है साथ सभी ने,

अब मुझको आराम बहुत है।



दूर हूं मैं ऐसे लोगों से,जो कहते हैं काम बहुत है।

दिल के कितने छोटे निकले,जिन लोगों का नाम बहुत है।



भूल सकते हो अगर, तो भूल जाओ, इजाज़त है तुम्हें,
न भूल पाओ तो लौट कर आना, एक और भूल की इजाज़त है तुम्हें!




दूर न जाया करो दिल तड़प जाता है,तेरे ही खयालों में दिन गुजर जाता है,आज पूछा है दिल ने एक सवाल तुमसे,क्या दूर रहकर तुमको भी हमारा खयाल आता है…

"तुम" नहीं हो, तो कितना खल रहा है,,
"इश्क" क्या होता है, पता चल रहा है!

अपनी यादों में मुझे कभी यूँ ही ढूंढ लेना तुम,ना मिलूं तो धड़कनों से मेरा पता पूछ लेना तुम,
रहूँगा मौजूद मैं इन हवाओं में हमेशा, फिर भी,ना दिखूं तो इन्हें अपनी साँसों से छू लेना तुम,
मेरी ग़ज़ल की हर शायरी में रहते हो बस तुम,अपनी तन्हाइयों के साथ इसे भी सुन लेना तुम,
हकीकत में जाने कभी, हमारी मुलाकात हो ना हो,इसलिए अपने ख्वाबों में मुझको बुन लेना तुम,
यूँ तो ज़िन्दगी की राहों में मिलेंगे कांटे ही कांटे, मगर मेरे हिस्से के भी फूल चुन लेना तुम।।

नहीं भाता अब तेरे सिवा किसी और का चेहरा,*
तुझे देखना और देखते रहना दस्तूर बन गया है।*

*लोग कुछ भी कहे,,,**हमवही करेंगे**जो हमे अच्छा लगे....**क्योंकी वो_वो है और हम_हम है...**~↳[​"दिल❤अपना प्रीत👩🏼पराई"]↰~*​ *~My.love.is.my.life~*​_Santosh Gupta_
Santosh Gupta

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